जनता के मुद्दे | जुलाना विधानसभा | जींद जिला
मुद्दे एवं समस्याएं
जुलाना और जींद की जनता को रोज़ जिन समस्याओं से जूझना पड़ता है — उनकी आवाज़ यहाँ है।
हर मुद्दा दस्तावेज़ है, हर माँग न्यायसंगत है।
किसान, MSP एवं कृषि
Farmer Rights · MSP Guarantee · Crop Insurance · Agricultural Reform
जुलाना विधानसभा क्षेत्र की 75% से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है। गेहूं, बाजरा, कपास, गन्ना और आलू यहाँ की प्रमुख फसलें हैं। किसान हर मौसम में प्रकृति और सरकारी नीतियों — दोनों से जूझता है।
MSP गारंटी कानून नहीं
स्वामीनाथन आयोग ने C2+50% फार्मूला सुझाया — पर आज तक MSP कानूनी अधिकार नहीं बना। किसान को उसकी लागत का भी पूरा दाम नहीं मिलता।
फसल बीमा — कागज़ों में
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रीमियम कटता है पर क्लेम आता नहीं। गिरदावरी में भ्रष्टाचार, मुआवज़े में देरी — किसान मारा जाता है दोनों तरफ से।
कर्ज़ का जाल
फसल ख़राब → कर्ज़ न चुका सके → बैंक नीलामी। जुलाना क्षेत्र में 5500 किसानों की ज़मीन बैंक नीलामी से बचाई गई — पर यह लड़ाई हर साल दोहराई जाती है।
आलू-गन्ना संकट
जींद जिले का गन्ना किसान चीनी मिल के बकाया भुगतान का इंतज़ार करता है। आलू का दाम ₹1-2/किलो गिर जाता है — लागत भी नहीं निकलती।
हमारी माँग: MSP गारंटी कानून, फसल बीमा में पारदर्शिता, कर्ज़ माफी, गन्ना बकाया का ब्याज सहित भुगतान, और गिरदावरी प्रक्रिया में RTI आधारित सुधार।
पानी — सिंचाई एवं पेयजल
Irrigation · Drinking Water · Canal Network · Water Logging
चौ. दलसिंह जी “पानी का बादल” कहलाते थे — क्योंकि उन्होंने सिंचाई मंत्री रहते हुए जींद में रिकॉर्ड नहरी पानी पहुँचाया। दशकों बाद, जुलाना क्षेत्र आज भी सिंचाई और पेयजल दोनों के गंभीर संकट से जूझ रहा है।
सिंचाई नेटवर्क — 30% अभी भी अधूरा
पिछले दो कार्यकालों में ₹60 करोड़ के सिंचाई कार्य हुए — माइनर पुनर्निर्माण, नहर सफ़ाई, क्षमता वृद्धि। फिर भी 30% नेटवर्क अधूरा है। कई गाँवों को 14 वर्षों बाद नहरी पानी मिला।
पेयजल — 40+ गाँव प्रभावित
जुलाना क्षेत्र में भूमिगत जल खारा है — नहर आधारित जलापूर्ति ही एकमात्र विकल्प। 42+ गाँवों में ₹60 करोड़ के पेयजल कार्य जारी, पर कई गाँव अभी भी “ड्राई विलेज” घोषित।
जलभराव — हर खरीफ़ की कहानी
बारिश में जलभराव, फसलें बर्बाद। 2017 में ₹18 करोड़ मुआवज़ा दिलवाया गया — पर ड्रेनेज सिस्टम अभी भी अपर्याप्त।
सुन्दर ब्रांच एवं हांसी ब्रांच
क्षेत्र की जीवनरेखा — सुन्दर ब्रांच और हांसी ब्रांच के हेड पुनर्निर्माण की माँग वर्षों से लंबित। अलग जुलाना डिवीज़न (सिंचाई) की माँग भी अब तक अनसुनी।
हमारी माँग: सिंचाई नेटवर्क 100% पूर्ण, अलग जुलाना सिंचाई डिवीज़न, सुन्दर एवं हांसी ब्रांच हेड पुनर्निर्माण, सभी गाँवों में नहर आधारित पेयजल, और जलभराव रोकने के लिए स्थायी ड्रेनेज।
युवा बेरोज़गारी
Youth Unemployment · HKRN · Paper Leaks · ESM Reservation · Skill Development
“जुलाना के छोरे दिल्ली क्यों जाते हैं?” — यह सवाल हर घर का है। पढ़ा-लिखा युवा गाँव में रोज़गार न मिलने पर दिल्ली-गुड़गाँव में मज़दूरी करता है। सरकारी भर्ती में पेपर लीक, HKRN का शोषण, और ESM कोटे में अन्याय — युवाओं का भरोसा टूट रहा है।
HKRN — ठेका मज़दूरी
हरियाणा कौशल रोज़गार निगम (HKRN) के ज़रिए सरकारी नौकरी की जगह ठेका भर्ती — न पक्का वेतन, न पेंशन, न गरिमा। युवा “सरकारी कर्मचारी” कहलाते हैं पर अधिकार दिहाड़ी मज़दूर जैसे।
पेपर लीक — हर भर्ती में
HSSC, HPSC — लगभग हर बड़ी भर्ती में पेपर लीक या घोटाला। युवा साल-साल तैयारी करता है, परीक्षा रद्द होती है, नई तारीख़ आती है — और चक्र दोहराया जाता है।
ESM आरक्षण — अन्याय
भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों का कोटा — नीति में है पर ज़मीन पर नहीं। भर्ती में स्क्रीनिंग कटऑफ, तुल्यता प्रमाणपत्र, और प्रक्रिया में अड़चनें — सैनिक परिवार भी न्याय के लिए तरसते हैं।
कौशल विकास — कागज़ों में
स्किल इंडिया, मुद्रा लोन — योजनाएँ बहुत हैं पर ज़मीन पर प्रशिक्षण केंद्र नहीं, गुणवत्ता नहीं, रोज़गार लिंकेज नहीं। ग्रामीण युवा को डिजिटल कौशल, तकनीकी प्रशिक्षण और स्थानीय उद्यमिता के अवसर चाहिए।
हमारी माँग: HKRN समाप्त — पक्की भर्ती, पेपर लीक पर सख़्त कार्रवाई, ESM कोटे का पूर्ण क्रियान्वयन, जुलाना में कौशल प्रशिक्षण केंद्र, और स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन।
सड़कें एवं बुनियादी ढाँचा
Roads · Highways · Village Connectivity · Health Infrastructure · Sub-Division
गाँव से शहर, खेत से मंडी, घर से अस्पताल — हर यात्रा सड़क से शुरू होती है। जुलाना क्षेत्र की ग्रामीण लिंक सड़कें, स्वास्थ्य सुविधाएं, और प्रशासनिक ढाँचा — सबमें सुधार की ज़रूरत है।
रोहतक-जींद हाइवे
NH निर्माण में देरी और बाधाएं। केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर समस्याएं उठाई गईं — कार्य जारी पर गति धीमी।
ग्रामीण लिंक सड़कें
दर्जनों गाँवों को जोड़ने वाली लिंक सड़कें बनीं — पर कई गाँव अभी भी कच्ची सड़कों पर निर्भर। बरसात में हालत और ख़राब।
स्वास्थ्य सुविधाएं
जुलाना स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी, रोहतक PGI में सुविधाएं अपर्याप्त। CT Scan, ऑपरेशन थिएटर — बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष।
जुलाना उप-मंडल की माँग
जुलाना को उप-मंडल (Sub-Division) बनाने की पुरानी माँग। प्रशासनिक सुविधा, तहसील स्तर की सेवाएं, और न्यायिक पहुँच — सब आसान हो जाए।
हमारी माँग: रोहतक-जींद हाइवे का शीघ्र पूर्ण निर्माण, शेष ग्रामीण सड़कें, जुलाना उप-मंडल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन, और जींद सरकारी अस्पताल में CT Scan सुविधा।
🗣️ आपकी आवाज़ मायने रखती है
कोई शिकायत हो, कोई सुझाव हो, कोई ज़मीनी समस्या हो — हमें बताएं।
“जनता की हर शिकायत सुणी जावैगी — यो मेरा वादा सै!”